मध्य प्रदेश

Khandwa:पाकिस्तान से वापस खण्डवा लौटे युवक का हुआ स्वागत: युवक ने बताई अपने संघर्ष की कहानी

मध्य प्रदेश के खण्डवा जिले के राजू पिंडारे 3 साल पाकिस्तान की जेल से अपनी सजा पूरी कर अपने गांव पहुंचा, राजू के घर आने पर गांव वालों ने उसका भव्य स्वागत किया|

Manya Jain

तीन साल तक राजू ने सेहन की थी पाकिस्तान की सेना द्वारा दी गई टॉर्चर को सहना किया है| जैसे ही राजू अपने घर पहुंचा तो राजू के माता पिता की आंखों में आंसू छा लक उठे|राजू की मां ने उसे गले लगाया और तेज तेज रोने लगी| राजू की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है इसी वजह से वह 30 जुलाई 2019 में गायब हो गया था| राजू के भाई ने बताया की 2019 में जब राजू गयाब हुआ तो वेह 1 महीने तक नहीं आया फिर पता चला की सब्जी के ट्रक में बैठकें राजस्थान की बॉर्डर के द्वारा पाकिस्तान में धोके से चला गया था| जहां राजू कोई पाकिस्तान आर्मी ने कोई तारिके से जासूस समझा कर उसे बहुत टॉर्चर किया|

राजू  के मुताबिक जब वो सुबह पाकिस्तान आर्मी के कैंप में पाहुंचा तो एक आर्मी ऑफिसर ने मुझे जमीन पर गिरा दिया जिसके करण में घायल हो गया| वो लोग मुझसे पूछते थे तुम यहां किस मकसद से आए हो, मुझे कुछ भी समझ नहीं आता था कि ये लोग किस नंगे में बात कर रहे हैं| सभी मेरे जासूस नाम से जानने वाले थे। सेना वाले कहते हैं कि तू यहां आ गया है, सब कुछ बोलेगा। यहां अच्छे-अच्छों के जुबान खुल जाती है। आर्मी कैंप में मेरी इतनी पिटाई की कि मैं कई दिनों तक होश में नहीं रहता था। मुझे होश नहीं रहता थ कि कब दिन हो रहा है और कब रात| जब मेरे फौजी मुझसे पूछते हैं तो घसीटकर एक हॉल में लेकर जाते हैं, वहां लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर देते हैं।

मैं 2 से 3 महीने उसी कैंप में रहा जहां वो लोग मुझे पहले गरम पानी के ड्रम में डूबते द और फिर तुरंत ठंडा पानी के ड्रम में दाल देते थे | पहले बहुत दर्द होता था पर कुछ समय बाद में सब की मुझे आदत लग गई|

उन्होन मुझे भुखा-प्यासा राखा, बर्फ पर लेटकर पीटा | मेरा यही कहना था कि मैं गलती से पार हो गया हूं, लेकिन कोई गारंटी नहीं देता। चार दिन बाद यानी 3 अगस्त को भारतीय क्लच से मीडिया से पता चला कि मैं खंडवा जिले के इंधावी गांव का रहने वाला हूं। मुझे बोहोत टॉर्चर किया|शुरू में तो लगता था कि यही मर जाऊंगा लेकिन एक दिन उनको खबर मिली के में मध्य प्रदेश के खंडवा जिले का रहने वाला हूं| सजा होने पर मुझे तो छोड़ दिया गया पूरी तरह लेकिन वो लोग अभी भी सजा काट रहे हैं। मुझे अपने घर लौटने की खुशी है, जेल में बंद 16 कैद को जब पता चला कि मैं जारी होने वाला हूं तो सभी खुश थे। उनमें से ज्यादातर राजस्थान के रहने वाले हैं।

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