रोनाल्डो क्या लिव इन में रहकर तोड़ेंगे सऊदी अरब का शरिया क़ानून

रोनाल्डो क्या लिव इन में रहकर तोड़ेंगे सऊदी अरब का शरिया क़ानून

दुनिया के सबसे बेहतरीन फ़ुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल क्रिस्टियानो रोनाल्डो जब से सऊदी अरब के अल-नस्र क्लब में शामिल हुए हैं, तब से सोशल मीडिया पर उनकी कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं.

किसी तस्वीर में वह सऊदी अधिकारियों के साथ खाना खाते नज़र आते हैं तो किसी वीडियो में वह प्रैक्टिस करते हुए नज़र आते हैं. हालांकि, दो मैचों के प्रतिबंध की वजह से वह अब तक सऊदी क्लब के लिए कोई मैच नहीं खेल सके हैं.

लेकिन उनकी निजी ज़िंदगी सऊदी अरब में बहस का विषय बन गयी है. क्योंकि रोनाल्डो सऊदी अरब के एक आलीशान घर में अपनी लिव-इन पार्टनर जॉर्जिना के साथ रह रहे हैं.

जबकि सऊदी अरब में लागू इस्लामिक शरिया क़ानून इसकी इजाज़त नहीं देता.

सऊदी अरब में किसी भी अविवाहित जोड़े का यौन संबंध बनाना या एक साथ रहना एक दंडनीय अपराध है. इसके लिए सख़्त सज़ा का प्रावधान भी है.

अब तक, सऊदी अरब के अधिकारियों, अल नस्र फुटबॉल क्लब या रोनाल्डो की तरफ़ से इस बारे में कोई बयान जारी नहीं किया गया है.

रोनाल्डो के सऊदी अरब पहुंचने पर क्लब की ओर से किए गए भव्य स्वागत में उनकी पार्टनर जॉर्जिना अबाया पहनकर शामिल हुई थी.

बता दें कि रोनाल्डो के सऊदी क्लब में शामिल होने को अरब देशों के फुटबॉल की दुनिया में मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है.

वहीं दूसरी ओर पर्यवेक्षक इसके राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रभावों पर भी चर्चा कर रहे हैं.

फ़ुटबॉल की दुनिया से जुड़े लोगों का मानना है कि रोनाल्डो को उनकी पार्टनर जॉर्जिना के साथ 'सऊदी अरब में रहने के लिए छूट मिल सकती है.

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विज़न 2030 के लिहाज़ से एक अहम क़दम है. और सऊदी अरब इसे 'स्पोर्ट वाशिंग' के तौर पर इस्तेमाल करते हुए देश में कथित मानवाधिकारों के उल्लंघनों से ध्यान हटाने की कोशिश करेगा.

रोनाल्डो ने पिछले कुछ महीनों में अपने करियर को पूरी तरह बदलते और अंतिम चरण में प्रवेश करते देखा है.

एक साल पहले तक यह माना जा रहा था कि मैनचेस्टर यूनाइटेड से अपने करियर के शिखर तक पहुंचने वाले रोनाल्डो इसी क्लब के साथ फुटबॉल को अलविदा कहेंगे.

लेकिन क्लब की प्रबंधन टीम के साथ गंभीर मतभेद होने के बाद उन्होंने इस बारे में इंटरव्यू देकर तहलका मचा दिया था और इंटरव्यू देकर अपनी चिंताएं भी ज़ाहिर की थीं.

इस इंटरव्यू के बाद क्लब ने रोनाल्डो से अलग होने का फैसला कर लिया था.

इसी तरह, पिछले महीने पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के साथ विश्व कप राउंड ऑफ़ 16 के एक मैच में पहली बार रोनाल्डो को फ़र्स्ट टीम में शामिल नहीं किया गया था.

पुर्तगाल की टीम उस मैच को तो आसानी से जीतने में कामयाब हुई, लेकिन क्वार्टर फाइनल में उसे मोरक्को की टीम के ख़िलाफ़ हार का सामना करना पड़ा.

रोनाल्डो अब 37 साल के हो चुके हैं और यह उनका आख़िरी फुटबॉल वर्ल्ड कप था. मोरक्को के ख़िलाफ़ मैच के अंत में, रोनाल्डो को अभिभूत होकर वापस जाते देखा गया था.

सऊदी अरब में शरिया क़ानून लागू है जो अविवाहित जोड़ों को एक साथ रहने से रोकता है.

आमतौर पर, जब भी कोई पुरुष और महिला किसी होटल में रहते हैं या मकान मालिक किसी को अपना घर किराए पर देते हैं, तो उनसे महरम होने का दस्तावेज़ी सबूत मांगा जाता है, जो अधिकारियों के पास जमा किया जाता है.

इस क़ानून का उल्लंघन करने पर सख्त क़ानूनी कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि, इस क़ानून पर अमल करने में पिछले कई वर्षों से विदेशियों के लिए नरमी बरती गई है.

साल 2019 में सऊदी अरब की वीज़ा नीति में ढील दी गई थी, जिसके मुताबिक़ अविवाहित विदेशी जोड़े भी होटल के कमरे ले सकेंगे, जबकि महिलाओं को भी होटल के कमरों में रहने की इजाज़त होगी, लेकिन उन्हें अकेले रहना होता है.

इससे पहले, जोड़ों को कमरा लेने के लिए शादी का प्रमाण देना पड़ता था.

लेकिन रोनाल्डो और जॉर्जिना को सऊदी अरब में एक लंबे समय तक रहना होगा, इसलिए उनका वहां रहना बहस का विषय बना हुआ है.

इमेज स्रोत,EPA/STR

इस संबंध में क़ानूनी जानकारों की यही राय है कि सऊदी अरब क़ानून में बदलाव तो नहीं करेगा, लेकिन रोनाल्डो और जॉर्जिना के मामले में विदेशियों के लिए बरती जाने वाली नरमी इस केस में भी देखी जा सकती है.

स्पेनिश न्यूज़ एजेंसी ईएफ़ई ने सऊदी अरब के दो वकीलों के हवाले से बताया है कि रोनाल्डो का एक बेहतरीन खिलाड़ी होना उन्हें सऊदी अरब सरकार की कार्रवाई से बचा सकता है.

न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए इस वक़ील ने कहा है, 'हालांकि, कानून के मुताबिक़ शादी के बिना साथ रहना अब भी अपराध है. लेकिन सरकारी संस्थाओं ने अब ये सब नज़रअंदाज़ करना शुरू कर दिया है और किसी को इसके लिए सज़ा नहीं दी जाती है. लेकिन कोई अपराध होने की स्थिति में इस क़ानून को लागू किया जाता है.'

इमेज स्रोत,TWITTER

रोनाल्डो और जॉर्जिना का रिश्ता अब लगभग सात साल पुराना हो चुका है. दोनों साल 2016 से साथ हैं जब रोनाल्डो स्पेनिश फुटबॉल क्लब रियल मैड्रिड के लिए खेल रहे थे.

जॉर्जिना और रोनाल्डो की अभी तक शादी तो नहीं हुई है लेकिन उनके दो बच्चे हैं.

इस बारे में जहां ज्यादातर लोग यह अनुमान लगा रहे हैं कि सऊदी सरकार रोनाल्डो को यह छूट देगी, वहीं एक यूज़र ने इस बाबत अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि ''क़ानून और धर्म सिर्फ़ ग़रीबों के लिए होते हैं.''

The mainstream media establishment doesn’t want us to survive, but you can help us continue running the show by making a voluntary contribution. Please pay an amount you are comfortable with; an amount you believe is the fair price for the content you have consumed to date.

happy to Help 9920654232@upi 

Related Stories

No stories found.
Buy Website Traffic
logo
The Public Press Journal
publicpressjournal.com