लोकसभा चुनाव में नहीं लगवाएंगे पोस्टर, न पिलाएंगे चाय:गडकरी बोले- जिसको वोट देना होगा, वो खुद देगा; जिसको नहीं देना है वो नहीं देगा

देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव और अगले साल लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा बयान दिया है। गडकरी का कहना है, इस बार लोकसभा चुनावों में वो पोस्टर-बैनर नहीं लगवाएंगे। न ही चाय पानी पिलवाएंगे।
Will not put up posters in Lok Sabha elections, will not serve tea
Will not put up posters in Lok Sabha elections, will not serve tea30/09/2023

उन्होंने आगे कहा- जिसको वोट देना है, वो खुद आकर देगा, जिसको नहीं देना है वो नहीं देगा। गडकरी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के वाशिम में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान ये बातें कहीं।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन गडकरी का कहना है, मैं चुनावों में रिश्वत नहीं लेता हूं और न किसी को भी ऐसा करने की अनुमति दूंगा। लेकिन, मुझे विश्वास है कि मैं ईमानदारी से आप सभी की सेवा कर सकूंगा।

गडकरी बोले- एक बार घर-घर मटन बंटवाया था, फिर भी हम चुनाव हार गए थे
नितिन गडकरी चुनावों में प्रलोभन को लेकर पहले ही कुछ इस तरह का बयान दे चुके हैं। 24 जुलाई को गडकरी महाराष्ट्र राज्य शिक्षक परिषद के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यहां वह चुनाव जीतने के तरीके बता रहे थे। गडकरी ने कहा कि चुनाव प्रलोभन से नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में विश्वास और प्यार पैदा करके जीते जाते हैं।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वोटर बहुत होशियार होता है। वो खाता सबका है, लेकिन वोट उसी को देता है, जिसे उसे देना होता है। गडकरी ने बताया कि उन्होंने एक बार लोगों के बीच एक-एक किलो मटन बांटा था। फिर भी चुनाव हार गए थे क्योंकि आज का वोटर बहुत जागरूक है।

गडकरी ने कहा कि चुनाव के दौरान प्रचार के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए जाते हैं। कई लोग वोटर को पैसा खिलाते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि इलेक्शन केवल लोगों के बीच विश्वास पैदा करके जीते जाते हैं।

नितिन गडकरी 17 जून को महाराष्ट्र के भंडारा में थे। वे केंद्र सरकार के 9 साल पूरे होने पर एक रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान गडकरी ने एक पुराना किस्सा सुनाया। गडकरी ने दिवंगत कांग्रेस नेता श्रीकांत जिचकर की सलाह को याद करते हुए कहा- एक बार उन्होंने मुझसे कहा था कि आप अच्छे पार्टी कार्यकर्ता और नेता हैं। अगर आप कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो आपका भविष्य उज्जवल होगा। मैंने उनसे कहा- मैं कांग्रेस में शामिल होने के बजाय कुएं में कूद जाऊंगा।

सालभर पहले नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा था- मन करता है राजनीति छोड़ दूं। कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने कहा कि राजनीति गांधी के युग से ही सामाजिक आंदोलन का हिस्सा रही है। उस समय राजनीति का इस्तेमाल देश के विकास के लिए होता था। आज की राजनीति के स्तर को देखें तो चिंता होती है।

दो साल पहले राजस्थान विधानसभा के एक कार्यक्रम में गडकरी का बयान खूब चर्चित रहा। गडकरी ने कहा था कि आजकल हर किसी की समस्या है, हर कोई दुखी है। जो मुख्यमंत्री बनते हैं, वो इसलिए परेशान रहते हैं कि पता नहीं कब हटा दिया जाए। विधायक इसलिए दुखी हैं, क्योंकि वो मंत्री नहीं बन पाए। मंत्री इसलिए दुखी हैं, क्योंकि उन्हें अच्छा विभाग नहीं मिला।

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