युद्ध की आहट: हमले के लिए चीन ने किया युद्धाभ्यास, ताइवान के आसमान में उड़ाए 71 फाइटर जेट और 45 वॉर प्लेन

नई दिल्ली: चीन ने एक बार फिर से ताइवान के आसमान में अपने फाइटर जेट उड़ाए हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा है कि चीन के 71 एयरक्राफ्ट और 9 नौसेना जहजों ने घुसपैठ की हैं। ताइवान की राष्ट्रपति की अमेरिका विजिट से नाराज चीन ने युद्ध अभ्यास शुरू कर दिया है। चीन ने मिलिट्री ड्रिल के दौरान ताइवान को 71 फाइटर जेट्स और 45 वॉर प्लेन से घेर लिया।
Sound of war: China conducted maneuvers for the attack, flew 71 fighter jets and 45 war planes in the skies of Taiwan
Sound of war: China conducted maneuvers for the attack, flew 71 fighter jets and 45 war planes in the skies of Taiwan10/04/2023

अमेरिका नजर बनाए हुए है

चीनी माीडिया ने दावा किया है कि पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने युद्धाभ्यास किया है। ताइवानी राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन के अमेरिकी दौरे से नाराज चीन ताइवान की सीमाओं के आसपास सैन्य अभ्यास कर रहा है। अमेरिका इस ड्रिले से नाराज है। अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने कहा कि वो चीन की हरकतों पर नजर बनाए हुए है। अमेरिका के पास इलाके में शांति बनाए रखने के लिए उचित संसाधन हैं। हम अपने नेशनल सिक्योरिटी के वादों को पूरा करने में सक्षम हैं।

ताइवान को चारों ओर से घेर रहा है चीन

चीनी सेना ने ताइवान की सीमाओं के आसपास तीन दिवसीय सैन्य अभ्यास का आयोजन बनाई है। सीमा पर भारी मात्रा में हथियार जमा किए हैं। ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन के अमेरिकी दौरे के बाद चीन ने इस सैन्य अभ्यास की घोषणा की थी। दरअसल, ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन ने 5 अप्रैल को कैलिफोर्निया में स्पीकर मैकार्थी से मुलाकात की थी। जिसे चीन ने भड़काऊ हरकत बताया था।

ताइवान हमारी मातृभूमि है’

इस बीच, ताइवान ने भी ताइवान के आसपास चीनी सैन्य अभ्यास के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और कहा कि देश धमकियों के आगे नहीं झुकेगा। ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने ट्विटर पर कहा, “ताइवान हमारी मातृभूमि है, और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम कहां जाते हैं या हम क्या देखते हैं, वह हमेशा आकर्षक और सुंदर है। इस भूमि पर हर कहानी हमारी यादों में उकेरी गई है। ताइवान कभी भी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा शासित नहीं रहा है, लेकिन बीजिंग का दावा है कि यह उसके क्षेत्र का हिस्सा है।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी द्वारा पिछले साल अगस्त में अलग हुए देश की यात्रा के बाद चीन और ताइवान के बीच तनाव बढ़ गया। चीन ने पेलोसी की ताइवान यात्रा पर आपत्ति जताई, जिसे चीन अपने क्षेत्र के हिस्से के रूप में दावा करता है।

The mainstream media establishment doesn’t want us to survive, but you can help us continue running the show by making a voluntary contribution. Please pay an amount you are comfortable with; an amount you believe is the fair price for the content you have consumed to date.

happy to Help 9920654232@upi 

Related Stories

No stories found.
Buy Website Traffic
logo
The Public Press Journal
publicpressjournal.com