चुनाव के आगे फिर हारा भारत का युवा, ट्रेंड करता रहा #Modiji_Railway_Vacancy_Do, लेकिन किसी ने नहीं सुनी बात

चुनाव के आगे फिर हारा भारत का युवा, ट्रेंड करता रहा #Modiji_Railway_Vacancy_Do, लेकिन किसी ने नहीं सुनी बात

Railway Vacancy 2023 (#Modiji_Railway_Vacancy_Do): छात्र रेलवे में वैकेंसी की मांग कर रहे हैं। 30 नवंबर को सुबह 10 बजे से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लगातार #Modiji_Railway_Vacancy_Do ट्रेंड करता रहा।

Railway Vacancy 2023 (#Modiji_Railway_Vacancy_Do): खोखली राजनीति के चक्कर में आज फिर भारत के युवाओं की आवाज को दबा दिया गया। 30 नवंबर सुबह 10 बजे से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर छात्र अपने हक की आवाज उठाते रहे, लेकिन देश की मीडिया से लेकर पक्ष-विपक्ष के सभी नेता का ध्यान पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव पर रही। सभी की बस एक ही चिंता रही कि आज एग्जिट पोल का नतीजा किसके पक्ष में आएगा। देश के सभी नेता अपनी-अपनी पार्टियों की बड़ाई में जुटे रहे। किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा कि दुनिया का सबसे ज्यादा युवा आबादी वाले देश में युवा अपनी हक की मांग कर रहे हैं। 30 नवंबर को एक्स पर 1 मिलियन से भी ज्यादा पोस्ट में #Modiji_Railway_Vacancy_Do का इस्तेमाल किया गया।

छात्र कर रहे हैं रेलवे में भर्तियां निकालने की मांग

दरअसल, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवा और कंपटीशन एग्जाम की तैयारी कराने वाले शिक्षक लंबे समय से रेलवे में भर्ती निकालने की मांग कर रहे हैं, लेकिन नहीं रेलवे की ओर से और न ही रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव को इस बात से फर्क पड़ा। थक हार के भारत के युवा अपनी हक की मांग के लिए पॉपुलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का सहारा लिया, जहां देश के बड़े-बड़े नेता और अधिकारी अपनी बात रखते हैं। छात्रों और शिक्षकों ने सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए एक्स पर एक ट्रेंड चलाया, जिसमें हर एक पोस्ट में #Modiji_Railway_Vacancy_Do का इस्तेमाल किया गया।

सभी छात्र इस हैशटैग का इस्तेमाल रेलवे में खाली पड़े पदों पर भर्ती के लिए किया। छात्रों का कहना है कि केंद्र सरकार ने 2019 के बाद से रेलवे में कोई वैकेंसी नहीं निकाली है जबकि भारतीय रेलवे में कई पद खाली पड़े हैं। चलिए कुछ छात्रों के ट्वीटर पोस्ट पर एक नजर डालते हैं।

रेलवे में खाली पड़े हैं कई पद

एक एक्स यूजर ने ट्वीट करते हुए लिखा, ”2018 के बाद एएलपी/टेक में कोई वैकेंसी नहीं, 2019 के बाद लेवल-1 में कोई वैकेंसी नहीं, 2018 के बाद आरपीएफ में कोई वैकेंसी नहीं, जेई/एसएसई में कोई वैकेंसी नहीं, 2019 के बाद एनटीपीसी में कोई वैकेंसी नहीं।” दूसरे यूजर ने लिखा, ” बढ़ती बेरोजगारी, घटती वेकेंसियां, टूटते सपने, टूटती उम्मीदें।” इसी तरह कई अन्य छात्रों ने #Modiji_Railway_Vacancy_Do का उपयोग करते हुए अपने-अपने तरीके से मांग उठाई। अभी तक लाखों लोगों ने #Modiji_Railway_Vacancy_Do का इस्तेमाल कर चुके हैं, लेकिन अभी तक रेलवे की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अब देखना होगा कि देश के युवाओं की आवाज सरकार के कानों तक कब तक नहीं पहुंच पाती है।

बता दें कि, 3 दिसंबर को पांच राज्यों (राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम) के विधानसभा चुनाव के लिए हो चुके मतदान के नतीजे आने वाले हैं। मीडिया से लेकर देश के नेताओं तक की नजर सिर्फ और सिर्फ उस पल पर है जब हार-जीत का फैसला होगा।

The mainstream media establishment doesn’t want us to survive, but you can help us continue running the show by making a voluntary contribution. Please pay an amount you are comfortable with; an amount you believe is the fair price for the content you have consumed to date.

happy to Help 9920654232@upi 

Related Stories

No stories found.
Buy Website Traffic
logo
The Public Press Journal
publicpressjournal.com