
आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है. इस दिन को मनाने का प्रस्ताव 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने संयुक्त राष्ट्र के समक्ष जनरल अंसेबली में रखा था. इसके अगले साल यानी 2015 से 21 जून के दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की शुरूआत हुई. इस साल 9वां योग दिवस मनाया जा रहा है. योगा ना सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक सेहत को भी दुरुस्त रखता है. इस चलते इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए वैश्विक परिपाटी पर लोगों को योगा के फायदों से अवगत कराने की कोशिशें की जाती हैं
साल 2023 के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'वसुधैव कुटुम्बकम के लिए योग' रखी गई है. इस थीम से वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत पर सभी के भले के लिए एक दुनिया, एक सेहत के महत्व से सभी को जागरूक करने का प्रयास है.
हर साल योग दिवस मनाने का मकसद स्पष्टतौर पर सेहत(Health) से जुड़े इसके फायदों को उजागर करना और सभी को अपनी सेहत देखते हुए योगा करने के लिए प्रेरित करना है. योगा के और भी कई फायदे हैं.
योगा सेहत को दुरुस्त रखती है. सभी उम्र के लोग योगा कर सकते हैं. यह रोगों के खतरे को कम करती है.
योगा करने पर तनाव से मुक्ति मिलती है. स्ट्रेस (Stress) होने पर योगा की जाए तो मानसिक और शारीरिक तौर पर भी आराम महसूस होता है.
शरीर में कहीं दर्द महसूस हो तो योगा करके उससे निजात पाया जा सकता है. आमतौर पर हड्डियों और मांसपेशियों के दर्द को दूर करने के लिए लोग योगा करते हैं.
योगा करने पर शरीर की लचकता बढ़ती है. फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ने पर शरीर में जहां-तहां दर्द नहीं रहता है.
दिल की सेहत अच्छी रखने के लिए भी योगा की जाती है.
योगा को मेंटल हेल्थ के लिए भी अच्छा माना गया है. यह एक तरह की मेडिटेशन है जिससे व्यक्ति अपने अंतर्मन में झांक सकता है.
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