एमपी के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में 6 माह में ही ढाई गुना होने वाली है चीतों की संख्या, जानें इस खुशखबरी की वजह?

मध्यप्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में 6 माह के भीतर ही चीतों की संख्या बढ़ने वाली है। फरवरी माह में कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की संख्या ढाई गुना तक बढ़ जाएगी। अभी कुनो में आठ चीते हैं, जिनमें 3 नर और 5 मादा चीते हैं। फरवरी में इनकी कुल संख्या 20 हो जाएगी।
In MP's Kuno National Park, the number of cheetahs is going to be two and a half times in 6 months, know the reason for this good news?
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मध्यप्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में 6 माह के भीतर ही चीतों की संख्या बढ़ने वाली है। फरवरी माह में कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की संख्या ढाई गुना तक बढ़ जाएगी। अभी कुनो में आठ चीते हैं, जिनमें 3 नर और 5 मादा चीते हैं। फरवरी में इनकी कुल संख्या 20 हो जाएगी। दरअसल भारत और दक्षिण अफ्रीका के मध्य हुए एक समझौते के तहत 12 अतिरिक्त चीते को कुनो के राष्ट्रीय उद्यान लाए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। आगामी 15 फरवरी तक इन्हें भारत लाया जा सकता है।

करीब 70 वर्षों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर(17 सिंतबर 2022 को) दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से 8 चीतों को भारत लाया गया था, जिन्हें कुनो राष्ट्रीय उद्यान में रखा गया है। अब 12 अन्य चीतों के स्थानांतरण के लिए भी एक समझौते पर दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर हुए हैं। इनमें सात नर और पांच मादा चीतों को कुनो राष्ट्रीय उद्यान लाया जाना है। इसके बाद कुनो में कुल चीतों की संख्या बढ़कर 8 से 20 हो जाएगी। इनमें 10 नर और इतने ही मादा चीता हो जाएंगे। इसके बाद प्रजनन से धीरे-धीरे चीतों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।

1952 में पूरी तरह विलुप्त हो गए थे चीते
भारत में आखिरी चीता छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में देखा गया था, जिसकी 1947 में मौत हो गई थी। इसके बाद अगले 5 वर्षों तक देश के किसी भी राज्य में कहीं भी चीता नहीं देखा गया। इसके बाद वर्ष 1952 में भारत को चीता विहीन घोषित कर दिया गया। तब से भारत में कोई भी चीता नहीं था। मगर गत वर्ष पीएम मोदी के जन्मदिन पर 8 चीते नामीबिया से लाए गए, जिन्हें पीएम मोदी ने स्वयं बाड़ से कुनो के राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा था। विशेष निगरानी में रह रहे आठों चीतों को करीब 6 माह का वक्त बीत चुका है। अब वह सभी कुनो की जलवायु और पर्यावरण से वाकिफ हो चुके हैं और उन्हें किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत नहीं है। इसलिए 12 अन्य चीतों को भी 15 फरवरी तक भारत लाए जाने की योजना बन चुकी है।

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