देश के आधे हिस्से में लेहराएंगे ग्वालियर के 8000 बने तिरंगे

इस बार के गणतंत्र दिवस में ग्वालियर अपने कार्य के लिए पूरे देश में जाना जाएगा| ग्वालियर के बने तिरंगे आधे भारत देश में लहराएंगे। गणतंत्र दिवस के लिए जीवाजी गंज स्थित मध्य भारत खादी संघ में 8 हजार तिरंगा तैयार किए गए।
देश के आधे हिस्से में लेहराएंगे ग्वालियर के 8000 बने तिरंगे

देश के 15 राज्‍यों में ध्‍वज भेजे गए है|

मध्य प्रदेश के ग्वालियर के सरकार भवन में बने लगभग 8000 तिरंगे देश के 15 राज्यों में भेज गए हैं| ये सारे तिरंगे जीवाजी गंज स्थित मध्य भारत खादी संघ में 8 हजार तिरंगा तैयार किए गए। ये नई पहल आत्मा निर्भर भारत या स्वदेशी संस्कृति को बढ़ावा देने में एक नया कदम है|जिन की कीमत करीब 52 लाख रुपये है। यह तिरंग देश के 15 प्रदेशों में संदेशए गए। सरकार भवन में बने तिरंगा का झंडा तैयार करने के लिए कपड़े की रंगाई,छपाई,कटिंग और टेस्टिंग में 5 से 6 दिन का वक्त लगता है|बंगाल की रस्सी दिल्ली का धागा सिलाई का धागा व रस्सी जुड़ती है|। ध्वजो की बिकरी 52 लाख की हुई है|

कलेक्ट्रेट, मंत्रालय, विधानसभा, सहित सभी सरकारी भवन पर खादी का तिरंगा फ़ेराया जाता है।

ग्वालियर का तिरंगा कलेक्ट्रेट, मंत्रालय, विधानसभा, सहित सभी सरकारी भवन पर खादी का तिरंगा ही फराया जाता है।

जीवाजीगंज में मध्य भारत खादी संघ जो कि चरखा संघ के तौर पर जाना जाता है इस संघ में 1930 से ही खादी के तिरंगे तैयार किए गए हैं| पहले इस संघ में ध्वज बनाने के लिए चरखे का प्रयोग किया जाता था| हर वर्ष इस संघ में करीब 50 से 60 लाख के तिरंगे तैयार किए जाते हैं| यहां अलग माप के तिरंगो की कीमत अलग-अलग होती है| इतना ही नहीं जिस लकडी पर तिरंगे को फेराया जाता है,उसका माप भी निर्धारित होता है| इसे तरह हर वर्ष जीवाजी खादी संघ देश के अलग हिसो में स्वदेशी रूप से बने ध्वज को भेजते है|

The mainstream media establishment doesn’t want us to survive, but you can help us continue running the show by making a voluntary contribution. Please pay an amount you are comfortable with; an amount you believe is the fair price for the content you have consumed to date.

happy to Help 9920654232@upi 

Related Stories

No stories found.
Buy Website Traffic
logo
The Public Press Journal
publicpressjournal.com