1947 में भारत से पाकिस्तान जाना था इतना सस्ता, देखें इंडियन रेलवे का ये पुराना टिकट

Viral: हाल ही में भारत और पाकिस्तान की आजादी की शुरुआती दिनों का एक रेलवे टिकट सोशल मीडिया पर बवाल मचा रहा है. पाकिस्तान के रावलपिंडी से भारत के अमृतसर की इस रेल टिकट की कीमत केवल 36 रुपये और 9 आने थी, जिससे 9 यात्रियों ने यात्रा की
Going from India to Pakistan in 1947 was so cheap, see this old ticket of Indian Railways
Going from India to Pakistan in 1947 was so cheap, see this old ticket of Indian Railways07/02/2023

Railway Ticket From Pakistan To India: सोशल मीडिया पर कब क्या वायरल हो जाए कह नहीं सकते. हाल ही के दिनों में पुराने शादी के कार्ड से लेकर पुराने गाड़ियों के बिल तक कई तरह के बिल लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं. इस लिस्ट में सबसे पहले 37 साल पुराना एक रेस्टोरेंट का बिल सामने आया था, जिसको देखने के बाद लोगों को पता चला कि, उस समय किसी अच्छे रेस्टोरेंट में भी 8 रुपये में शाही पनीर और 5 रुपये में दाल मखनी मिल जाती थी. इस बिल को देखने के बाद लोगों ने इस पर तरह-तरह के रिएक्शंस भी दिए. वहीं अब भारत और पाकिस्तान के आजादी के शुरुआती दिनों का एक रेलवे टिकट सोशल मीडिया पर बवाल मचा रहा है.

बता दें कि, यह टिकट पाकिस्तान के रावलपिंडी और अमृतसर के बीच ट्रेन यात्रा का है. इस रेलवे टिकट पर कुल नौ लोगों के नाम लिखे हैं. इस टिकट के मुताबिक, उस समय नौ लोगों के लिए पाकिस्तान के रावलपिंडी से भारत के अमृतसर की रेल टिकट की कीमत केवल 36 रुपये और 9 आने थी. टिकट को देखकर समझा जा सकता है कि, भारत से पाकिस्तान के बीच रेलवे का किराया प्रति व्यक्ति मात्र 4 रुपये था. हैरानी की बात तो यह है कि, यह टिकट थर्ड एसी का है, जो एकतरफा यात्रा का है.

यूं तो आज़ादी के बाद से अब तक तकनीक और सामाजिक ढांचे से लेकर न जाने क्या-क्या बदल चुका है. वहीं अब सोशल मीडिया पर वायरल इन पुराने टिकट, बिल और कार्डस को लेकर आये दिन नये-नये दिलचस्प पोस्ट वायरल हो रहे हैं. यह टिकट 17 सितंबर 1947 का है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर इस टिकट की तस्वीर पाकिस्तान रेल लवर्स नाम के पेज से शेयर किया गया है, जिसे अब तक 15 हजार लोग लाइक कर चुके है. 

वहीं तस्वीर पर सैंकड़ों लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं. इस टिकट को लोग खूब पसंद और शेयर कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, 'ये सिर्फ कागज नहीं है, बल्कि इतिहास है.' एक अन्य यूज़र ने इसे गोल्ड कहा है. दूसरे यूज़र ने लिखा, 'ये इतनी स्ट्रॉन्ग कार्बन कॉपी है कि 75 साल भी फेड नहीं हुई है

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