हमारे भारतीय स्टार्ट-अप विचारों के लिये अधिक अवसर प्रदान करने के लिये अंतर्राष्ट्रीय संलग्नता को विस्तार देने की आवश्कयता है

सहायक व्यापार माहौल की रचना में भारत सरकार हर अवसर को खंगाल रही हैः श्री गोयल प्रौद्योगिकी और पारदर्शिता ने भारत में सरकार के कामकाज के तरीकों को बदल दिया हैः श्री गोयल ​​​​​​​ वर्ष 2016 में ‘स्टार्ट-अप इंडिया’ की शुरूआत नवाचार के बढ़ते महत्त्व, युवा प्रतिभाओं का नये विचारों के साथ आगे आने, नये समाधानों को पहचान देना हैः श्री गोयल
हमारे भारतीय स्टार्ट-अप विचारों के लिये अधिक अवसर प्रदान करने के लिये अंतर्राष्ट्रीय संलग्नता को विस्तार देने की आवश्कयता है

वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वितरण तथा कपड़ा मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि अमेरिका में भारतीय समुदाय अपने कामकाज में बहुत प्रोफेशनल और नवोन्मेषी है तथा उन्होंने भारतीय संस्कृति और मूल्य प्रणाली से लगातार गहरा संपर्क कायम रखा है; इस तरह उन लोगों ने भारत की आत्मा को जाग्रत रखा है। वे आज सैन फ्रांसिसको में ‘भारतीय समुदाय’ के साथ दोपहर के भोज के दौरान बोल रहे थे।

श्री गोयल ने कहा कि भारतीय समुदाय भारत और विदेश के बीच संपर्क बनाये रखने के लिये अनोखी स्थिति में है। उन्होंने भारतीय समुदाय का आह्वान किया कि वह 1.3 अरब लोगों के देश भारत के आकांक्षी बाजार द्वारा प्रस्तुत अपार व्यापार अवसरों की जानकारी दे विश्व को दे।

श्री गोयल ने भारत में मौजूद जीवंत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को रेखांकित करते हुये याद किया कि जब भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2016 में ‘स्टार्ट-अप इंडिया’ का शुभारंभ किया था, तो वह वह कदम नवाचार के बढ़ते महत्त्व, युवा प्रतिभाओं का नये विचारों, नये प्रयोगों के साथ सामने आने और नये समाधान पेश करने को पहचान देना था।

श्री गोयल ने बताया कि भारत में स्टार्ट-अप के बहुत से विचार विकसित हो रहे हैं और वहां एक सहज व विशाल घरेलू बाजार मौजूद है। यह घरेलू बाजार शेष विश्व के साथ उतना संलग्न न हुआ है, जितना कि होना चाहिये था। श्री गोयल ने कहा कि यह जरूरी है कि हमारे भारतीय स्टार्ट-अप विचारों को ज्यादा अवसर मिलें और वे विश्व बाजार तक पहुंच बना सकें। उन्होंने कहा कि वैश्विक बनने के लिये सिलीकॉन वैली से बेहतर जगह और कोई नहीं है। श्री गोयल ने कहा कि विश्व में कोई भी देश बिना शेष विश्व के साथ जुड़े विकसित नहीं हुआ है, इसलिये हमारे लिये जरूरी है कि हम विश्व के साथ जुड़ने का कोई अवसर न खोयें।

श्री गोयल ने कहा कि सरकार भारतीय स्टार्ट-अप और अमेरिका के निवेशकों के बीच सेतु की भूमिका निभा रही है। उन्होंने आग्रह किया दोनों एक-दूसरे के साथ संवाद को नये स्तर तक ले जायें। श्री गोयल ने कहा कि वे निवेशकों के कुछ नये विचार अपने साथ ले जा रहे हैं, जो भारत में नये नवाचारों के लिये पूंजीगत प्रोत्साहन में तेजी लायेंगे।

सरकार के कामकाज मे होने वाले बदलाव का उल्लेख करते हुये श्री गोयल ने कहा कि भारत लाल फीताशाही से दूर होता जा रहा है, जो अतीत में मौजूद था। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और पारदर्शिता ने बड़े पैमान पर पुराने तरीके को समाप्त कर दिया है। भारत सरकार सहज व्यापार माहौल बनाने का कोई अवसर नहीं छोड़ रही है। सरकार के काम करने का तरीका मैदानी स्तर पर लोगों के साथ सक्रियता से जुड़ने पर आधारित है। सरकार नीतिगत निश्चितता को कायम करने तथा नियमों-प्रक्रियाओं को दुरुस्त बनाने पर जोर दे रही है, जो विकसित देशों की स्थिति से मेल खाते हैं।

पूरे भारत में, खासतौर से दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में बेहतर अवसंरचना उपलब्ध कराने के बारे में श्री गोयल ने उल्लेख किया कि हाल मे मंत्रिमंडल ने तय किया है कि शेष 25,000 दूरस्थ गांवों तक नेटवर्क कनेक्टीविटी पहुंचाई जाये। निर्यात के बारे में श्री गोयल ने कहा कि भारत ने पिछले वित्तवर्ष में अब तक का सर्वाधिक 675 अरब यूएसडी माल एवं सेवा निर्यात अर्जित किया। उन्होंने आशा व्यक्त कि इस वर्ष यह 750 अरब यूएसडी के पार हो जायेगा।

श्री गोयल ने कहा कि 2047 तक अमृत काल रहेगा, जब हम भारत का 100वां स्वतंत्रता दिवस मनायेंगे। यह कालखंड विकसित देश बनने की तरफ भारत की यात्रा का निर्णायक कालखंड होगा। तब भारत में रहने वाला हर व्यक्ति समृद्ध हो जायेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय इस यात्रा में अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे प्रतिभा, नये विचारों और नवाचारों को पहचानते हैं, उनका मार्गदर्शन, समर्थन और वित्तपोषण करते हैं। श्री गोयल ने कहा कि वे भारत और अमेरिका के बीच सेतु स्थातपित करने के लगातार प्रयास के समर्थक हैं, जिसके तहत व्यापार और लोगों के बीच मेल-मिलाप बढ़ेगा।

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