

दोनों मंत्रियों ने भारत और मिस्र के रक्षा उद्योगों के बीच निर्दिष्ट समयावधि में सहयोग बढ़ाने के लिये प्रस्तावों पर गौर करने पर भी सहमति जताई। उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा दुनिया में शांति व स्थिरता कायम करने में भारत तथा मिस्र के योगदान को रेखांकित किया। दोनों पक्षों ने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि कोविड-19 महामारी के बावजूद पिछले वर्षों के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा संलग्नता और आदान-प्रदान की गति तेज रही।
मिस्र के राष्ट्रपति श्री अब्दुलफताह-अल-सीसी से रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह की भेंट के बाद, दोनों रक्षामंत्रियों ने द्विपक्षीय सहयोग के मामले में सुरक्षा और रक्षा पक्षों को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। दोनों रक्षामंत्रियों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिये समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। यह समझौता-ज्ञापन आपसी हितों के सभी सेक्टरों में रक्षा सहयोग बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
श्री राजनाथ सिंह ने भारत-अफ्रीका रक्षा संवाद और आईओआर रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिये अपने मिस्र के समकक्ष को भारत आने का न्योता दिया। यह कार्यक्रम 12वें डेफ-एक्सपो के भाग के रूप में गुजरात के गांधीनगर में 18-22 अक्टूबर, 2022 के बीच आयोजित होगा।
दिन भर के अपने कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने काहिरा में अज्ञात सैन्य स्मारक और काहिरा के पूर्व राष्ट्रपति अनवर-अल-सादात की कब्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
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